नीति निर्धारण
नीति निर्धारण
भारतीय शिक्षण मंडल शिक्षा क्षेत्र से संबंधित नीतियों के निर्माण एवं परिमार्जन में सक्रिय सहभागिता निभाता है। शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं तथा शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से मंडल भारत-केंद्रित, मूल्याधारित एवं समग्र शिक्षा व्यवस्था के विकास हेतु सुझाव, अध्ययन एवं विमर्श प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य शिक्षा में भारतीय ज्ञान-परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और राष्ट्रीय दृष्टि को सशक्त रूप से प्रतिष्ठित करना है।
केंद्रीय स्तर
केंद्रीय नीतिभारतीय शिक्षण मंडल शिक्षा मंत्रालय, नीति आयोग, यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीईआरटी तथा अन्य राष्ट्रीय शैक्षिक संस्थानों के साथ संवाद एवं विचार-विमर्श के माध्यम से शिक्षा संबंधी नीतिगत विषयों पर अपने सुझाव प्रस्तुत करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान-परंपरा के समावेशन तथा उच्च शिक्षा की गुणवत्ता संवर्धन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर मंडल निरंतर कार्यरत है।
राज्य स्तर
राज्य नीतिभारतीय शिक्षण मंडल विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभागों, एससीईआरटी, विश्वविद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शैक्षिक विमर्श को प्रोत्साहित करता है। मातृभाषा-आधारित शिक्षा, स्थानीय इतिहास, सांस्कृतिक विरासत तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा के समावेश संबंधी विषयों पर अध्ययन, सुझाव एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
शैक्षणिक स्तर
शैक्षणिक नीतिभारतीय शिक्षण मंडल विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, स्वायत्त संस्थानों तथा पारंपरिक गुरुकुलों के साथ मिलकर शिक्षण-अधिगम की गुणवत्ता संवर्धन हेतु कार्य करता है। शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यचर्या विकास, शैक्षणिक नवाचार, भारतीय ज्ञान-आधारित अध्ययन सामग्री तथा संस्थागत विकास के विभिन्न आयामों पर सहयोग प्रदान कर शिक्षा को अधिक समग्र, मूल्यपरक और समाजोपयोगी बनाने का प्रयास किया जाता है।