पहल
गतिविधियां
शैक्षणिक गतिविधियां
1. महिला गतिविधि
- भारतीय दृष्टिकोण के महत्व के बारे में महिलाओं में जागरूकता पैदा करके मातृकुल परियोजना को प्रभावी बनाना।
- परिवार को शिक्षा और मूल्यों का आधार बनाकर माताओं की भूमिका को सशक्त करके गृह गुरुकुल अवधारणा को सुदृढ़ करना।
- महिला मुद्दों में अनुसंधान को बढ़ावा देना और भारतीय स्त्री विमर्श के ढांचे को स्थापित करना।
- शिक्षा और मूल्य-आधारित अभिविन्यास के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा में एकीकृत करना।
2. गुरुकुल-शिक्षा गतिविधि
- वैश्विक मुख्यधारा में आदर्श भारतीय गुरुकुल प्रणाली की स्थापना करना।
- समकालीन संदर्भ के अनुसार मौजूदा गुरुकुलों को पुनर्स्थापित करना।
- नए गुरुकुलों की स्थापना के लिए प्रेरित करना और शैक्षणिक इनपुट प्रदान करना।
- गुरुकुल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आदर्श आचार्यों को विकसित करने हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित करना।
3. विद्यालय-शिक्षा गतिविधि
- समग्र और पूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए स्कूलों को प्रभावी संस्थानों के रूप में विकसित करना।
- पाठ्यक्रम, कार्यपद्धति, नवाचार और नीति निर्माण में भारतीय दृष्टिकोण को समाहित करना।
- शिक्षकों, अभिभावकों, प्रबंधन और छात्रों के लिए गुणवत्ता-वर्धन कार्यक्रमों का संचालन करना।
- भारतीय दृष्टिकोण पर आधारित आनंदशालाओं और संवादात्मक सत्रों का आयोजन करना।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करना।
4. उच्च शिक्षा गतिविधि
- भारतीय ज्ञान परंपरा, चिंतन और अनुसंधान पर आधारित उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
- पाठ्यक्रम, शिक्षण-पद्धति, अनुसंधान, नवाचार तथा शैक्षिक नीतियों में भारतीय दृष्टि का समावेश और विकास करना।
- संगोष्ठियों, कार्यशालाओं, अध्ययन-वर्गों एवं सम्मेलनों के माध्यम से मूल्यनिष्ठ और राष्ट्रोन्मुख शैक्षिक वातावरण का निर्माण करना।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु शैक्षणिक संवाद, प्रशिक्षण एवं जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन करना।
- उच्च शिक्षण संस्थानों में भारतीयता-आधारित ज्ञान, कौशल और चरित्र निर्माण की दिशा में रचनात्मक पहल को प्रोत्साहन देना।
5. शैक्षणिक गतिविधि
- भारतीय ज्ञान परंपराओं में निहित भारत-केंद्रित पाठ्यक्रमों और पूरक सामग्रियों का निर्माण और समीक्षा करना।
- नए और पूरक पाठ्यक्रमों के संरेखण में शिक्षकों का अभिविन्यास करना।
- स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययन मंडलों (BoS) का गठन करना।
- नयी पाठ्यपुस्तकों का विकास और विभिन्न संस्थानों के माध्यम से कार्यान्वयन करना।
6. अनुसंधान गतिविधि
- भारतीय पद्धतियों पर आधारित भारत-केंद्रित अनुसंधान को प्रोत्साहित करना।
- समकालीन संदर्भों में भारतीय ज्ञान परंपराओं को पुनर्स्थापित करना।
- शोध आनंदशालाओं और शोध पत्र लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं में अनुसंधान मानसिकता विकसित करना।
7. प्रकाशन गतिविधि
- भारतीय दृष्टिकोण पर आधारित मूल साहित्य और समकालीन शिक्षण सामग्री का प्रकाशन करना।
- भारतीयता के वैचारिक अधिष्ठान को पुनर्स्थापित करने के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों पर पुस्तकों का प्रकाशन करना।
- शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के लिए संदर्भ पुस्तकों सहित व्यापक साहित्य का प्रकाशन करना।
8. युवा गतिविधि
- राष्ट्रभाव से प्रेरित बौद्धिक योद्धाओं का निर्माण
- शोध, लेखन व विवेचन में तार्किक क्षमता का विकास
- युवाओं का प्रशिक्षण तथा उन्हें राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रेरित करना
9. भारतीय ज्ञान संपदा गतिविधि
- भारतीय ज्ञान संपदा को समाज के व्यवहार में उतारने हेतु संरक्षण, संवर्धन एवं सरलीकरण
- वर्तमान चुनौतियों के समाधान हेतु भारतीय ज्ञान संपदा का सक्षम एवं प्रभावी प्रयोग
- शैक्षणिक संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रमों में भारतीय ज्ञान संपदा का समावेश करने हेतु प्रेरित करना
- भारतीय ज्ञान संपदा आधारित पुस्तकों का निर्माण
10. शिक्षा एवं तंत्रज्ञान गतिविधि
- भारतीय शिक्षा प्रणाली को आधुनिक तंत्रज्ञान से सुसंगत कर युगानुकूल बनाना
- तकनीकी प्रशिक्षण एवं नवाचारों के माध्यम से शैक्षणिक गुणवत्ता में वृद्धि
- आधुनिक तंत्रज्ञान का उपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का माध्यम
11. शिक्षक-शिक्षा गतिविधि
- शिक्षकों में भारतीय दृष्टिकोण का विकास
- शिक्षकों को विषय-ज्ञान के साथ-साथ आचरण केंद्रित एवं बहुविषयक आधारित प्रशिक्षण के द्वारा समग्र विकास का साधन बनाना
- भारतीय कार्य संस्कृति को शिक्षा संस्थानों के विकास का माध्यम बनाना
- स्पर्धा से सहयोग व सहयोग से त्याग की ओर जाने की मानसिकता का निर्माण
12. भारतीय भाषा गतिविधि
- भारतीय भाषाओं में ज्ञान-सृजन,अनुवाद व प्रकाशन को प्रोत्साहित करना
- शिक्षा व शोध में भारतीय भाषाओं के प्रयोग हेतु शिक्षक व विद्यार्थियों को प्रेरित करना
- भाषा-संवर्धन हेतु कार्यशालाओं,संगोष्ठियों व संवादों का आयोजन
45
प्रान्त
797
जिले
846
मंडल
12
गतिविधियां
6
विभाग
39
कार्यकारिणी